PALAMU - पांकी सकलदीपा में आदिवासी बच्चियों से जुड़े मामले को लेकर पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने प्रेस वार्ता कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। विधायक ने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए न्यायिक जांच अथवा सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, ताकि आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल हो सके।
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने कहा कि आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज अहमद खान द्वारा भी मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच की मांग उठ रही है तो वे भी इसके पक्ष में हैं और चाहते हैं कि किसी सक्षम एजेंसी या न्यायिक अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराई जाए।
विधायक ने सकलदीपा मामले से जुड़ी एक तस्वीर का हवाला देते हुए बच्चियों पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बच्चियों के साथ किस प्रकार का व्यवहार हुआ और उन्हें किन परिस्थितियों में रखा गया।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा और भयमुक्त माहौल जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। विधायक के अनुसार, परिवार की ओर से धमकी और दबाव की बातें सामने आई हैं, इसलिए प्रशासन को इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
दूसरे मामले में भी न्याय की पैरवी का दावा
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. मेहता ने एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि रहया-मधिया की बच्ची से जुड़े मामले में भी उन्होंने परिवार के साथ खड़े होकर निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक न्याय दिलाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के साथ अन्याय होने पर उसका समर्थन करना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मामला चाहे किसी भी समुदाय या परिवार से जुड़ा हो, यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने लोगों से भी अपने अधिकार और न्याय के लिए सामने आने की अपील की।
कुदूस मियां के मामले का भी किया जिक्र
विधायक ने प्रेस वार्ता में कुदूस मियां द्वारा उनसे संपर्क किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुदूस मियां ने अपनी परेशानी बताई थी और उन्होंने उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामला रखने का आश्वासन दिया था
विधायक ने कहा कि उन्होंने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने और पूरे मामले की जानकारी देने के लिए भी कहा था, ताकि पुलिस प्रशासन के समक्ष उनकी बात रखी जा सके। हालांकि, उनके अनुसार बाद में कुदूस मियां उनसे मिलने नहीं पहुंचे।
सीडीआर और धमकी के आरोपों की जांच की मांग
डॉ. मेहता ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर बच्चियों या उनके परिवार को फोन कर धमकाने के आरोप हैं तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि किसने किसे और कितनी बार फोन किया।
उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य किसी को बचाना नहीं, बल्कि वास्तविक दोषियों को सामने लाकर पीड़ित को न्याय दिलाना होना चाहिए।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में विधायक ने लोगों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में सभी समुदायों के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और विश्वास के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से रहें और किसी पर किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सकलदीपा मामले में आरोपों की सच्चाई निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी। इसलिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग हटकर पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता की यह प्रेस वार्ता ऐसे समय हुई है जब सकलदीपा मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। अब पूरे मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
REPOT - MD HASIB - PALAMU